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हिमाचल में 17-18 अगस्त को भारी बारिश का अलर्ट: 21 अगस्त तक राहत के आसार नहीं, मानसून सीजन में 972 करोड़ की संपत्ति तबाह


17 और 18 अगस्त को 5-5 जिलों में बहुत भारी बारिश का ऑरेंज अलर्ट

19 अगस्त से मानसून कमजोर होगा, लेकिन 21 अगस्त तक बारिश जारी रहने का अनुमान

मानसून सीजन में अब तक करीब 972 करोड़ रुपये की संपत्ति तबाह, सामान्य से 10% कम बारिश


शिमला: हिमाचल प्रदेश में मानसून एक बार फिर सक्रिय होने जा रहा है। मौसम विभाग (IMD) ने 17 और 18 अगस्त को प्रदेश के कई हिस्सों में बहुत भारी बारिश का पूर्वानुमान जारी किया है। दोनों दिन कई जिलों के लिए ऑरेंज अलर्ट घोषित किया गया है।

17 अगस्त को इन जिलों में ऑरेंज अलर्ट

17 अगस्त को बिलासपुर, चंबा, कांगड़ा, मंडी और सिरमौर में बहुत भारी बारिश की आशंका को देखते हुए ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है। वहीं ऊना, हमीरपुर, कुल्लू, शिमला, लाहौल-स्पीति और सोलन में यलो अलर्ट रहेगा।

18 अगस्त को भी भारी बारिश का दौर

18 अगस्त को ऊना, हमीरपुर, चंबा, कांगड़ा और मंडी में कुछ स्थानों पर बहुत भारी बारिश हो सकती है। इन जिलों के लिए ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है। बिलासपुर, कुल्लू, शिमला, सोलन, सिरमौर और लाहौल-स्पीति में यलो अलर्ट रहेगा।

19 अगस्त से कमजोर पड़ेगा मानसून

मौसम विभाग के अनुसार 19 अगस्त से मानसून की सक्रियता थोड़ी कम हो सकती है, लेकिन प्रदेश को तत्काल राहत मिलने के आसार नहीं हैं। 21 अगस्त तक अधिकांश क्षेत्रों में हल्की से मध्यम बारिश का सिलसिला जारी रहने का पूर्वानुमान है।

19 अगस्त को भी चंबा और कांगड़ा में यलो अलर्ट रहेगा। प्रशासन और मौसम विभाग ने लोगों को नदी-नालों के आसपास जाने तथा भूस्खलन संभावित क्षेत्रों में अनावश्यक आवाजाही से बचने की सलाह दी है।

धर्मशाला में सबसे ज्यादा 16 मिमी बारिश

प्रदेश के कुछ हिस्सों में आज भी हल्की से मध्यम बारिश दर्ज की गई। धर्मशाला में 16 मिमी, मंडी में 9.2 मिमी, कुफरी में 6.8 मिमी और ऊना में 3.8 मिमी बारिश रिकॉर्ड हुई।

16 अगस्त को भी प्रदेश के कुछ हिस्सों में हल्की से मध्यम बारिश का अनुमान है। बिलासपुर, कांगड़ा और मंडी में यलो अलर्ट जारी किया गया है, जबकि अन्य क्षेत्रों के लिए कोई चेतावनी नहीं है।

सामान्य से 10 फीसदी कम बारिश

इस मानसून सीजन में हिमाचल प्रदेश में अब तक सामान्य से करीब 10 फीसदी कम बारिश दर्ज की गई है। 1 जून से 14 अगस्त तक प्रदेश में सामान्य बारिश 497.2 मिलीमीटर मानी जाती है, जबकि इस अवधि में 446 मिलीमीटर बारिश रिकॉर्ड हुई है।

इसके बावजूद लगातार बारिश और प्राकृतिक आपदाओं से प्रदेश को भारी नुकसान हुआ है। मानसून सीजन में अब तक करीब 972 करोड़ रुपये की संपत्ति तबाह होने की जानकारी सामने आई है।